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सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा
by मोहनदास करमचंद गांधी अनुवाद: काशिनाथ शिवेदी
About this Book
“सत्य के प्रयोग अथवा आत्मकथा” महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई प्रसिद्ध आत्मकथा है। इसमें गांधी जी ने अपने जीवन के अनुभवों, विचारों, संघर्षों और उन प्रयोगों का वर्णन किया है जिनके माध्यम से उन्होंने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाया। यह पुस्तक केवल गांधी जी के जीवन की घटनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि उनके आत्मचिंतन और आत्म-सुधार की यात्रा को भी प्रस्तुत करती है। गांधी जी अपने जीवन की सफलताओं के साथ-साथ अपनी गलतियों, कमजोरियों और उनसे मिली सीखों का भी खुलकर उल्लेख करते हैं।