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गोदान
Published2026
Pages436
LanguageHindi

गोदान

by मुंशी प्रेमचंद

About this Book

गोदान हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का प्रसिद्ध उपन्यास है, जिसमें भारतीय ग्रामीण जीवन, किसान की कठिनाइयों और सामाजिक असमानताओं को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कहानी का केंद्र होरी नामक किसान है, जिसकी सबसे बड़ी इच्छा एक गाय प्राप्त करने की है। उसकी यह छोटी-सी आकांक्षा धीरे-धीरे उसके जीवन की अनेक परेशानियों, आर्थिक दबावों और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ जाती है। उपन्यास केवल एक किसान परिवार की कहानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके माध्यम से उस दौर के ग्रामीण समाज, गरीबी, कर्ज, जातिगत भेदभाव, सामाजिक प्रतिष्ठा और मानवीय रिश्तों की कई परतें सामने आती हैं। प्रेमचंद ने अलग-अलग पात्रों और उनके जीवन-संघर्षों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों की मानसिकता और परिस्थितियों को उकेरा है। सरल और प्रभावशाली भाषा में लिखी गई गोदान मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक वास्तविकताओं को गहराई से समझने का अवसर देती है। हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, प्रेमचंद के पाठकों और सामाजिक विषयों पर आधारित उपन्यास पसंद करने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण कृति है।