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रश्मि
Published1932
Pages140
LanguageHindi

रश्मि

by महादेवी वर्मा

About this Book

रश्मि छायावादी काव्यधारा की अप्रतिम कवयित्री और आधुनिक मीरा महादेवी वर्मा का अत्यंत प्रसिद्ध कविता-संग्रह है। 1932 में प्रकाशित यह काव्य-कृति महादेवी जी की आध्यात्मिक, रहस्यवादी और बौद्ध दर्शन से प्रभावित अंतर्यात्रा का साक्षात्कार कराती है। 'रश्मि' का शाब्दिक अर्थ है प्रकाश की किरण, जो आत्मा और परमात्मा के गूढ़ संबंधों पर दिव्य प्रकाश डालने का प्रयास करती है। महादेवी जी का यह काव्य दुःख की मधुरता, विरह के सौंदर्य और परमात्मा के प्रति अनन्य समर्पण का एक अलौकिक संसार रचता है। वे अपनी वेदना को व्यक्तिगत कष्ट न मानकर संपूर्ण चराचर जगत की करुणा और कल्याण की भावना में रूपांतरित कर देती हैं। इन कविताओं में दीपक और बादल जैसे प्रतीकों का अत्यंत सुंदर, सूक्ष्म और काव्यात्मक प्रयोग बार-बार देखने को मिलता है। "नीर भरी दुख की बदली" जैसी अमिट पंक्तियों की रचनाकार महादेवी जी की संवेदनशीलता यहाँ अपने चरम उत्कर्ष पर दिखाई देती है। उनकी भाषा में अप्रतिम संगीतात्मकता, कोमलकांत पदावली और नादमयी लय है जो पाठक के अंतर्मन को झंकृत कर देती है। बौद्ध धर्म के दुःखवाद और उपनिषदों के अद्वैत दर्शन का इतना सुंदर समन्वय हिंदी कविता में अन्यत्र दुर्लभ है। रश्मि हिंदी गीति-काव्य की एक ऐसी अमर धरोहर है जो अनंत काल तक साहित्य-प्रेमियों को आत्मिक शांति और सौंदर्य का अनुभव कराती रहेगी।