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कनुप्रिया
Published2026
Pages24
LanguageHindi

कनुप्रिया

by धर्मवीर भारती

About this Book

कनुप्रिया धर्मवीर भारती की चर्चित काव्य-कृति है, जिसमें राधा और कृष्ण के संबंध को एक अलग और अधिक मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। यह रचना प्रेम, विरह, स्मृति, आत्मसंवाद और स्त्री के भीतर चलने वाले भावनात्मक द्वंद्व को केंद्र में रखती है। कृति में राधा केवल कृष्ण की प्रेमिका के रूप में दिखाई नहीं देतीं, बल्कि अपने प्रश्नों, इच्छाओं, असमंजस और भावनाओं के साथ एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में सामने आती हैं। कृष्ण के प्रति उनका प्रेम जितना गहरा है, उतना ही महत्वपूर्ण उनके भीतर उठने वाले वे सवाल हैं जो प्रेम और जीवन के अर्थ को नए तरीके से देखने के लिए प्रेरित करते हैं। धर्मवीर भारती ने पौराणिक पात्रों और प्रसंगों को आधुनिक संवेदनाओं से जोड़ते हुए प्रेम की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत की है जिसमें व्यक्तिगत भावनाओं के साथ-साथ जीवन, कर्तव्य और अस्तित्व के प्रश्न भी दिखाई देते हैं। काव्यात्मक भाषा और गहरी भावनात्मक अभिव्यक्ति कनुप्रिया को हिंदी साहित्य की विशिष्ट रचनाओं में स्थान देती है।